राखी सावंत और बापू
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(संदर्भ: हृदय नारायण दीक्षित ने बापू की तुलना राखी से की थी)
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"बापू, क्या बात है..बड़ा मंद मंद मुस्करा रहे हैं?"
"जवाहिर, कुछ न पूछो...बड़ी मुश्किल से हंसी रोक रखी है...सुना तो होगा? मेरी तुलना राखी सावंत से हो रही है!
"तो क्या करना है?"
"तू क्या कर पाएगा तू तो खुद ही दिनरात गालियां खाता रहता है।"
"तो भी बापू...कुछ बताइए तो..."
"अरे उसी का फ़ोन आया था.. राखी सावंत का। बहुत गुस्से में थी। कह रही थी कि हृदय की बात की निंदा कर दूं ताकि आइंदा कोई उसको मेरे से न जोड़े।"
"तो क्या बापू, अब हृदय की बात भी होने लगी है?अभी तक तो..."
"ज़बान को लगाम दे जवाहिर, लगाम। कुछ करना ही चाहता है तो मेरा प्रेस नोट लिख दे, ताकि राखी अपमान से मुक्त होकर खुलकर नाच सके।"
"ओके बापू, बोलिए। ऐसी बढ़िया अंग्रेजी लिखूंगा कि लोग मेरी तुलना शशि थरूर से करने लगेंगे।"
"अरे नहीं, जवाहिर नहींं। तेरी अंग्रेजियत ने भी बहुत बेड़ा गर्क किया है। तू लिखेगा ट्रिस्ट और वो पढ़ेंगे ट्विस्ट। तू रहने दे जवाहिर। मैं महादेव से लिखवा लूंगा। गुजराती है। मेरे मन की बात समझ जाएगा।"
"बापू, उर्दू में लिख दूं...दरअसल मेरी हिंदी..यू नो.."
"बस कर मेरे बाप, तुझे लोग पहले से गयासुद्दीन गाज़ी से जोड़ते हैं। अब तू मेरी भी ऐसी तैसी कराएगा। अरे, मेरे प्रेस नोट उर्दू में जाएगा तो राजघाट पर वो तमाशा होगा कि तुझे आंख मीचनी पड़ेगी।"
"तो क्या करूं"
"ऐसा कर तू रोमन में हिंदी लिख। आजकल वह चल भी रही है और किसी राष्ट्रभक्त को खटकती भी नहीं। तो लिख, मैं बोलता हूं:
Main original faqeer, Mohandas Karamchand Gandhi hriday ke bayaan ki ghor ninda karata hoon. Bayaan mein rakhi ji ki tulana mujhse ki gai hai, jisase rakhi ji ka apmanan hua hai. Rakhi maan haani ke liye muaavaze ka daawaa kar sakti hain. Sach baat toh yeh hai ki rakhi meri barabari kabhi nahin kar sakati. Rakhi ki tulna Helen aur Bindu se ho sakti hai, mujhse nahin. Kyonki main toh topless rahta thaa.
"यह क्या है बापू! खुद को टॉपलेस कहलवा रहे हो?"
"क्यों? क्या भूतों को ठिठोली करने का हक़ नहीं?"
"तो भी बापू..."
"क्या है जवाहिर, तुम तो पढ़ेलिखे आदमी हो! क्या कपड़े न पहनने से कोई नंगा होता है क्या? क्या दिन में बारबार कपड़े बदलने से नंगई छिप जाती है? क्या गोमतेश्वर बाहुबली नंगे हैं। किसी जैन ने आज तक उन्हें कपड़ों से क्यों नहीं ढका"
Nice
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