Monday, May 2, 2022

कुछ कविताएं

 



ज़िंदगी का गीत 

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जीवन है तो दोलन है

आन्दोलन है

वातानुकूल गर्भ से 

बाहर

अटपटी धरती पर

आते ही रोता है

बच्चा


वह 

उसका 

पहला आंदोलन है


यह जीवन का दोलन है


नहीं रोता तो

रोती है माता


मुर्दा शरीर में 

कभी भी 

होता नहीं आंदोलन है


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ग़ज़ल

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आंख मीचो मत अंधेरा और गहरा हो चलेगा

एक शोले से घना जंगल सुनहरा हो चलेगा


सीख लो गूंगे की मानिंद अब इशारों की ज़बां

ढाई आखर बोलने पर कल से पहरा हो चलेगा


नहर लाओ काटकर बरबाद न हो फसल ये

अश्क से सींचोगे तो ये खेत सहरा हो चलेगा


भूल कर बन्दर के हाथों जो थमाया उस्तरा

वो हजामत होगी तेरी लाल चेहरा हो चलेगा

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   बसंत

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खेतों में पसरा है केसर 

अमराई भी बौराई,

पके बेर-सी हुई दोपहर 

मशक बजाते शहनाई।।


घटघट, पोरपोर रस-विह्वल 

हिरदय में बाजे मिरदंग,

नील गगन भी मगन-मगन है 

देख-देख धरती के रंग।


देखो तो पलाश ने कैसे बन-बन

 मन-मन अगन लगाई।।


खेतों में पसरा है केसर 

अमराई भी बौराई...


नींद खुली औ सपना टूटा

बूढ़ा तन फिर अंगड़ाया,

दादा जी ने सुबहसुबह

'जब दिल ही टूट गया गाया'।


मोतियाबिन्दी आंखों में भी

वापस आई बीनाई।।


खेतों में पसरा है केसर 

अमराई भी बौराई....

                       

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कैसी मां हो तुम

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तो तुम बच्चे को रोने भी न दोगी?


कैसी मा हो तुम!!


क्या कहा?


लोग तुम्हें ताना मारते हैं?


...कि कैसी मा है


...कि बच्चा रोता ही रहता है


...कि मैं सारा समय बनाव-सिंगार में खपा देती हूं


–तुम ही बताओ मैं क्या करूँ


मैं बताऊँ?


चलो, बताता हूं


पहले देखो कि बच्चा भूखा तो नहीं


फिर देखो कि बच्चा किसी शै से डर तो नहीं गया


कहीं हंसली तो नहीं उखड़ गई उसकी


कल तुमने गुस्से में बड़े झटके से उठाया था


कक्क् क्या कहा!


न माना तो बत्तो चटा दोगी?


घुट्टी में एक लकीर अफ़ीम पिला दोगी?


हे भगवान!


क्या होगा इस नौनिहाल का


अरे कोई है!


बचा लो


मा और पुत्र को बचा लो



         

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गीत


न आना है न जाना है

न कोई पता ठिकाना है

फिर भी क़ासिद का इंतज़ार

यह दिल कितना दीवाना है

न आना है न जाना है....


ऐसा भी नहीं तुम्हारे बिन

रातें काटीं तारे गिन गिन

निंदिया को लेकिन मालुम है

कि सपना कौन दिखाना है

न आना है न जाना है....


जो एक प्यार का घूंट पिया

काबा, काशी बन गया हिया

मन के वृंदावन में अब तक

राधा का आना जाना है

न आना है न जाना है....





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