Sunday, May 15, 2022

गीत

 न आना है न जाना है

.................................


न आना है न जाना है

न कोई पता ठिकाना है

फिर भी क़ासिद का इंतज़ार

यह दिल कितना दीवाना है

न आना है न जाना है....


ऐसा भी नहीं तुम्हारे बिन

रातें काटीं तारे गिन गिन

निंदिया को लेकिन मालुम है

कि सपना कौन दिखाना है

न आना है न जाना है....


जो एक प्यार का घूंट पिया

काबा, काशी बन गया हिया

मन के वृंदावन में अब तक

राधा का आना जाना है

न आना है न जाना है....

No comments:

Post a Comment