Sunday, May 1, 2022

कामना

 जी करता है मेरा मां मैं भगत सिंह बन जाऊं

बहरे कान लगें फिर सुनने ऐसी धूम मचाऊं


या फिर गांधी बनकर मां मैं थामूं सच की लाठी

धर्म न छोड़ूं खा लूं गोली और अमर हो जाऊं


अकबर भी था अपना पुरखा कहो वही बन जाऊं

हिंदू-मुस्लिम खत्म करूं फिर मजहब नया बनाऊं


छोड़ो ये सब बेटा बस तू इतना प्यार लुटाना 

मैं तेरी मां दुनिया भर की भारत मां बन जाऊं

                                          –अजय शुक्ल

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