जब कोहली ने बाबर को गले लगाया
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जब कोहली ने बाबर को गले लगाया
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नफरती उधर का: हेलो, भइया!
नफरती इधर का: भाईजान, बात मत कीजिए...आपसे यह उम्मीद नहीं थी...अरे हमने तो पहले ही रोका था कि वह उनकी पुण्य भूमि है। वहां मैच नहीं खेलने मत जाओ लेकिन ये तिजारती न माने। कर दिया न तुम्हारे जिन्नात ने खेल!
नफरती उधर का: हार से इतना दुखी हो?
नफरती इधर का: आप हैं बेवकूफ! भला लौडों के खेल में हारजीत से कोई फर्क पड़ता है?
नफरती उधर का: घंटा फर्क नहीं पड़ता। जानता हूं। आपका सगा भाई जो ठहरा। हम भी तो मैच जीतने के बाद दुखी हैं।
नफरती इधर का: भला क्यों? आपके बाबर को हमारे कोहली ने गले लगाया। दुलाराया। बस चुम्मी लेना ही रह गया था..
नफरती उधर का: यही तो सत्यानाश हो गया। आज़ादी के बाद से हम पाकिस्तानियों को यही सिखाने में लगे थे कि हिंदुस्तानी कमीना होता है। अपने ढंग का नफरती इतिहास बचपन से पढ़ाते रहे। लेकिन सब गुड़ गोबर हो गया।
नफरती इधर का: ऐसा क्या?
नफरती उधर का: भइया, आप नहीं समझ पा रहे। आज पूरा पाकिस्तान बाबर की नहीं, कोहली की जय बोल रहा है। उसका नाम रख दिया है-विराट दिल कोहली। अब बताइए अगर पाकिस्तानी ऐसे मुहब्बत करेंगे तो हमको दहशतगर्द कैसे मिलेंगे। स्साला धंधा ही चौपट!
नफरती इधर का: वही समस्या तो हमारी है। आज कोहली मुहब्बत कर रहा है पाकिस्तान से। कल पूरी टीम करने लगेगी। फिर हॉकी टीम भी। फिर कल को मेरा लौंडा भी। तब हम किससे कह पाएंगे कि जा भारत नहीं अच्छा लगता तो पाकिस्तान चला जा। मैं तो उस दिन से डर रहा हूं जब हमारे यहां कोई अदनान सामी न पैदा हो जाए। भगवान वह दिन न दिखाए जब हम कहें कि भाग जा तो कोई सचमुच न रावी पार चला जाए।
नफरती उधर का:परेशान न हो भइया। हम कोई तजवीज करेंगे। गले मिलने के लिए बाबर की तो ऐसी खबर लेंगे कि वह बहादुर शाह जफर बन जाएगा।
नफरती इधर का: वादा निभाना भाईजान। हम भी कुछ टोटका करेंगे। आखिर मामला हमारे वजूद का है। हम मुहब्बत नहीं करने देंगे। क्यों भाई जान?
नफरती उधर का: प्रॉमिस भइया, प्रॉमिस।
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