Monday, May 2, 2022

गांधी मुक्त भारत कैसे बनाएं

 गांधी मुक्त भारत कैसे बनाएं

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"क्या बात है राजन? बड़े उद्विग्न प्रतीत होते हो। आज तो खुशी का दिन है। भारत और पूरा विश्व दो अक्टूबर मना रहा है। तुम भी उत्सव मनाओ। भजन गाओ...वैष्णव जन तो तेने कहिए जे पीर पराई जाने रे..."


"गुरुदेव, झूठ कैसे गाऊं? मुझे दूसरे की पीड़ा की अनुभूति ही नहीं होती।"


"झूठ। तुम तो पशुओं तक की पीड़ा को समझते हो। तभी तो शाकाहारी हो। वैष्णव हो।"



"सही कहा आपने, गुरुदेव। लेकिन, यह पीड़ा जानवरों से आगे नहीं जा पाती।"


"यह तो बड़ा दुखद आश्चर्य है! तुम तो रामभक्त हो राजन। मानस नहीं पढ़ते क्या? गोस्वामी जी कह गए हैं...परहित सहित धर्म नहि भाई/परपीड़ा सम नहि अधमाई।"


"कहां वक्त मिलता है रामायण पढ़ने का। फिर, राजा रामायण पढ़ेगा तो शासन कौन संभालेगा?"


"ठीक है। वैष्णव जन नहीं गा सकते तो ईश्वर अल्ला तेरो नाम का ही भजन गाया कर। राम नाम का सुमिरन हो जाएगा और राज्य में सामाजिक समरसता को बल मिलेगा।"


"गुरुदेव! लगता है आप समाज से कट गए हैं। यह अब वह भारत नहीं जिसे आपने अपनी जवानी में देखा था। आज अगर मैं ईश्वर अल्ला तेरो नाम गाऊं तो मेरे चाहने वाले ही मुझे तड़ीपार कर देंगे।"


"तो बता राजन, मैं तेरी क्या मदद करूं?"


"बस ऐसा कोई रास्ता बता दीजिए कि यह देश चतुर बनिया को भूल जाए।"


"चतुर बनिया! ऐसा क्या!! राष्ट्रपिता या बापू या महात्मा गांधी कहने में तेरी नानी मरती है क्या?"


"गुरु जी, समझा करिए..."


"तो ठीक, तुझे गांधी मुक्त भारत चाहिए न? हो जाएगा। मेरे पास रास्ता है। सरल और सहज।"


"जल्दी बताइए प्रभु। ताकि पुतले को गोली मारने जैसी  हास्यास्पद भड़ैती किसी को न करनी पड़े।"


"बताता हूं। बताता हूं। लेकिन तुझे कुछ सवालों के जवाब देने होंगे। चलो, बताओ: राम नाम का राजकुमार मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम में कैसे रूपांतरित हो गया?"


".................."



"नहीं पता। चलो, मैं बताता हूं। उत्तर सिंपल है। रावण ने राम को सताया। उनकी पत्नी को उठा ले गया और आततायी रावण को सबक सिखाने के क्रम में अयोध्या का राजकुमार विराट से विराटतर होता चला गया। वह  भगवान राम बन गया। आज भी जयजयकार होती है। तुम भी तो हुंकार लगाया करते हो.. जय श्रीराम। कुछ समझे?"


"......................."


"इसमें समझना क्या है? सीधी से बात है। जब सीता का अपहरण होगा तो एक स्वाभिमानी व्यक्ति आततायी से भिड़ेगा। तो राजन, अगर चाहते हो कि कोई राम न बने तो अपने राज्य में सीता का अपहरण मत होने दो।"


"..........................."


"राम की तरह कृष्ण भी भगवान माने गए। उनके उद्भव के पीछे कंस की मेहरबानी थी।"


".............................."



"ऐसे ही जलियांवाला बाग़ कांड और लाला लाजपत राय की मौत ने एक बेहद जहीन ऐसे लड़के को भगत सिंह बना दिया जो एक महान दार्शनिक भी बन सकता था।"


"................................"



"और तुम्हारा चतुर बनिया तो रोजीरोटी कमाने अफ्रीका गया था। गोरों ने उसे ट्रेन से फेंक कर महात्मा गांधी बनवा दिया।"


"............................."


"तो हे राजन, अगर तुम चाहते हो कि न तो गांधी या भगत सिंह पैदा हों और न कोई उनका नाम ले तो ऐसा  समाज बनाओ कि गांधी सत्याग्रह की जगह गायक, पेंटर, एक्टर और मास्टर बनने लगें। अब भई, गुरु के नाते मैंने राह दिखा दी। आगे राज्य है तुम्हारा और मर्जी भी है तुम्हारी। पर द्वारिकाधीश की बात हमेशा याद रखना .. 


यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्।।


"राजन, कुछ बोलते क्यों नहीं? चलो कोई बात नहीं बस सबक याद रखना कि अच्छा समाज बनाना है।"


" पर गुरु जी, अच्छे समाज के क्या तत्व होते हैं। यह भी बता दें।"


"रामभक्त के लिए यह जानना बड़ा आसान है। रामराज्य की स्थापना में लग जाओ। और रामराज्य कैसा होता है इसके बारे में गोस्वामी जी खूब बता गए हैं। चलो, कुछ चौपाइयां मैं ही सुना देता हूं:


नहिं दरिद्र कोउ दुखी न दीना, नहिं कोउ अबुध न लच्छन हीना


दैहिक दैविक भौतिक तापा। 

राम राज नहिं काहुहि ब्यापा


सब नर करहिं परस्पर प्रीती। चलहिं स्वधर्म निरत श्रुति नीती


अल्पमृत्यु नहिं कवनिउ पीरा। सब सुंदर सब बिरुज सरीरा




 








 


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