Tuesday, December 31, 2024

Parody

 Parody 

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"वीर तुम बढ़े चलो"

(द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी से क्षमा याचना समेत)

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वीर तुम अड़े रहो! शूल से गड़े रहो!


प्रात हो कि रात हो, भीड़ तेरे साथ हो

बोल न सके कोई लट्ठ ले खड़े रहो

वीर तुम अड़े रहो! शूल से गड़े रहो!


एक ध्वज लिए हुए एक प्रण किए हुए

मूर्खता के लिए भाई बहन बाप के

प्राण तुम हरे रहो, वीर तुम लड़े रहो

 

पर अगर पहाड़ हो सिंह की दहाड़ हो

तुम झुका लो पूंछ को, तुम तुरंत भाग लो

बड़े की तरह छिपो दही में पड़े रहो

Thursday, December 26, 2024

बापू की हत्या का बदला

 बापू की हत्या का बदला

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हैमलेट में

'जियूं या मर जाऊं' के सवाल में उलझे 

नायक के आगे जैसे आता है

भूत उसके बाप का

वैसे ही

दुःस्वप्नों में सिहरती मेरी नींद के बीच आता है

भूत बापू का



चंट सियारों की हुआ हुआ, और

पराया शिकार टोहते लकड़बग्घों की हंसी

और, उल्लू की अशुभ, डरावनी चीखों से भरे

मेरे डरावने सपने के बीच

दुलार भरी थपकी देकर

बापू मेरे कान में खुसफुसाते हैं

अपने क़ातिल का नाम


"यह नाम गलत है, बापू" 

मैं प्रतिवाद करता हूं

"मैंने इतिहास पढ़ा है

गोली मारने वाले का नाम

जानता हूं...फांसी मिल चुकी है उसे

आपने तो उस युवक को देखा था

फिर झूठ क्यों..?"


बापू मुस्कराते हैं

"बच्चा था वह युवक

अबोध...था

बरेटा पिस्टल जैसा

बुद्धिहीन 

आत्मघाती, जैसे कि अजमल क़साब.."


बापू फिर मुस्कराए, बोले

"तुम असली क़ातिल को याद रखो

ट्रिगर दबाने वाले लड़के को भूल जाओ

वह तो स्वर्ग में प्रार्थना सभा में आता है

क़साब के साथ, रोज़ शाम

और मेरे साथ गाता है

ईश्वर अल्ला तेरो नाम...



"मगर आपने तो क़ातिल का नाम

नफ़रत बताया है!...उसे कैसे मारूं?"


बापू मुस्करा कर बोले

"प्यार से" 



"किससे प्यार करूं"

"सच्चाई से"


"लेकिन सच्चाई का बाप मुझे गोली मार देगा"



"मैं वही चाहता हूं...तुम मरोगे 

तो मैं जिऊंगा"


सपना टूट गया है

मैं जाग गया हूं

मुझे साफ दिख रहा है

मेरे सामने 

जियूं या मरूं

जैसा कोई ऊहापोह नहीं

मेरे पास बापू का मंत्र है

प्यार

मुझे मालूम है

कातिल को वार से नहीं

प्यार से डर लगता है

नफ़रत को

प्यार से डर लगता है



 


 


   

Thursday, December 5, 2024

नुक़्ते पर लंतरानी

 नुक़्ते पर लंतरानी

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सिरम्मन: इधर भी खुदा है उधर भी खुदा है...जिधर देखता हूं, खुदा ही खुदा है


झम्मन : अबे गधे की तरह क्या रेंक रहा है? बेसुरा। तूने भी दूध पी लिया क्या?


सिरम्मन: ज़बान को लगाम दे बुखारा के आलू, समरकंद की शकरकंदी...ताशकंद के पत्ते...पिटे हुए बादशाह...


झम्मन : अरे रे रेरे! यह क्या बोले जा रहा है.. आंय बांय सांय...


सिरम्मन: तो क्या बोलूं? सीधे सीधे कह दूं बाबर की औ..


झम्मन : रुक क्यों गए? बोल ही डालो। कोई कसर बाकी है क्या?


सिरम्मन: हां, बाकी है। यह तो केवल झांकी है।


झम्मन : देख सिरम्मन। हम और तुम पचास साल से दोस्त हैं। उससे पहले हमारे बाप-दादे दोस्त थे। और उससे पहले मेरे पुरखे चौहान थे। राजपूत। कभी शज़रा दिखाऊंगा अपना। तुम कहां उज़्बेकिस्तान और फरगना की बातें करने लगे?!


सिरम्मन: तुम तो सच्ची में गुस्सा हो गए, झम्मन। मैं तो मज़ाक कर रहा था। समझा करो। हमारी सांझी गंगा-जमनी तहजीब। इसी तहज़ीब के कारण ही तो मैं श्री राम चंद्र कृपालु भजमन की जगह खुदा खुदा संकीर्तन कर रहा था। और तुझे उसमें गधे का रेंकना महसूस हो रहा था...!


झम्मन : सॉरी भाई, सॉरी। अब तू गा। फिर से गा। मैं भी साथ ख़ुदा ख़ुदा गाऊंगा।


सिरम्मन: ओके। चल गाता हूं...इधर भी खुदा है उधर भी खुदा है...जिधर देखता हूं, खुदा ही खुदा है।


झम्मन : नहींSSS! बंद करो इसे...


सिरम्मन: अब क्या हुआ?


झम्मन : तू ख़ुदा का गलत उच्चारण कर रहा है। खुदा नहीं ख़ुदा।


सिरम्मन: वही तो कह रहा हूं। खुदा खुदा खुदा। खुदा की खुदाई। खूब मलाई खाई।


झम्मन : अरे तलफ़्फ़ुज़ के दुश्मन! ख़ुदा बोल। अपने खुदा में नुक्ता लगा।


सिरम्मन: नुक्ता क्या मैं नुक्ती लगा देता हूं। मिसरी लगा देता हूं। चलो, कढ़ाई की पूरी चाशनी उड़ेल देता हूं। लेकिन क्या इससे खुदा और खुदाई में मिठास आ जाएगी?


झम्मन : मैं हार गया। जब तू ख़ुदा ही नहीं समझता तो ख़ुदाई क्या समझेगा।


सिरम्मन: मत समझा। तुझे तेरा खुदा और खुदाई मुबारक। मुझे मेरी। मैं तो चला।


झम्मन : कहां?


सिरम्मन: खुदाई खिदमतगारों के पास।


Tuesday, December 3, 2024

लंतरानी भारत नाम पर

 झम्मन और सिरम्मन की बकवास

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झम्मन: भारत माता की जय!


सिरम्मन: क्यों भाई, आज 15 अगस्त है या 26 जनवरी?


झम्मन: पेपर नहीं देखते क्या? इंडिया आउट। भारत इन। ऑफिशियली!


सिरम्मन: यह तो बड़ी खुशी की बात है। पर यह बताओ भारत नाम का स्टैंडर्ड उच्चारण क्या होगा?


झम्मन: यह भी कोई बात हुई? भारत दैट इज़ भारत।


सिरम्मन: लेकिन बंगाल वाले तो देश को भारोत बोलते हैं..


झम्मन: कोई बात नहीं। सन् 24 के बाद उनको क्रैश कोर्स करा देंगे।


सिरम्मन: और पंजाब में क्या करोगे?


झम्मन: वहां क्या दिक्कत?


सिरम्मन: खांटी पंजाबी भारत को पारत बोलता है!


झम्मन: अरे! 


सिरम्मन: और, पंजाबियों को तो चलो समझा लोगे। स्टालिन बाबू के तमिलनाडु में क्या करोगे? 


झम्मन: उन्हें तो तनातन धर्म से परेशानी है। हिन्दी से परेशानी है। भारत के खिलाफ तो वे कभी बोले ही नहीं।


सिरम्मान: बात बोलने की तब आए, जब वे बोल पाएं। मगर बोलें कैसे, तमिल भाषा में भ नाम का व्यंजन ही नहीं।


झम्मन: तो?


सिरम्मन: तो क्या वे प्यारी भारत माता को बारत माता बोलते रहेंगे।


झम्मन: ये तो बड़ी समस्या है!


सिरम्मन: समस्या ज्यादा बड़ी है। यह सोचो कि यूरोप और अमेरिका वाले भी जाने कैसा कैसा मुंह बना कर हमारे देश का नाम लेंगे।


झम्मन: सो तो है, भाई जी...


सिरम्मन: उनके यहां भी भ नहीं होता और हमारा वाला त भी नहीं होता। कोई गोरा बॉरट बोलेगा तो कोई बैरट। भ वाली दिक्कत तो अरब मुल्कों भी आएगी। उनके यहां भी भ उच्चारण नहीं है। 


झम्मन: मतलब वे भी बारत बोलेंगे?


सिरम्मन: और क्या। वे तो पाकिस्तान को भी आज तक बाकिस्तान कहते हैं। और, पाकिस्तान आज तक उनका कुछ नही उखाड़ पाया


झम्मन: बाकिस्तान क्यों?

सिरम्मन: क्योंकि उनके यहां प की ध्वनि भी नहीं है।


झम्मन: तो अरब देशों में पप्पू को क्या कहते हैं?


सिरम्मन: पता नहीं। लेकिन यहूदी भाषा में पप्पू को पप्पू ही कहते हैं और मतलब होता है प्यारा फरिश्ते जैसा।


झम्मन: वाह!


सिरम्मन: हो सकता है कि प ध्वनि के अभाव में इसराइल का पप्पू अरबी ज़बान में बब्बू बन गया हो? यह भी हो सकता है कि मोहम्मद बिन कासिम के साथ बब्बू भारत आ गया हो। बाद में फारसी बोलने वाले मुगलों ने बब्बू को फिर पप्पू बना दिया हो।


झम्मन: यार तुम तो नीरज चोपड़ा से भी लंबा फेंकने लगे। अरबी में बाबू शब्द है। हो सकता है कि यह पप्पू का ही रूप हो। लेकिन अरबी में इसका अर्थ अलग है। उसमें बाबू माने होता है बाप, बॉस या शासक।


सिरम्मन: तो क्या पप्पू का मतलब बाप, बॉस या शासक हो सकता है?


झम्मन: क्यों नहीं हो सकता? अगर आंसू चुग कर मोरनी गर्भवती हो सकती है... और अगर गोश्त खाने से हिमालय धसक सकता है तो पप्पू सबका बॉस क्यों नहीं हो सकता?

सिरम्मन: ये लंतरानी छोड़ो और भारत वाले मुद्दे पर आओ। कोई ऐसा नाम सुझाओ कि इंडिया शब्द गढ़ने वाले विपक्षियों की नानी मर जाए।


झम्मन: तो ऐसा करो कि India के आगे एक H जोड़ दो। और इंडिया बन जाएगा हिंदिया। 


सिरम्मन: तुमने तो गजब का आइडिया दिया है भाई। हिंदिया में तो सब कुछ है। हिन्दी है, हिन्दू है और इसे सब लोग बोल भी लेंगे। 


झम्मन: तो हिंदिया का आइडिया बॉस को व्हाट्सएप कर दिया जाए?

सिरम्मन: येस, शुभस्य शीघ्रम।